मैं आज़ाद हूँ (Main Aazad Hoon)

जीवन चक्र के धुंए में
हर दिन सूरज सा जलता हूँ
भरी दोपहर में बादल बन
बूँद-बूँद टपकता हूँ
खबरें कहती हैं मैं आज़ाद हूँ
मैं भी इत्तेफाक रखता हूँ

सुबह शाम बद-हवास भागती
इस दुनिया पर हैरान हूँ
सपनों की किताबों में हर दिन
एक नया हर्फ़ लिखता हूँ
खबरें कहती हैं मैं आज़ाद हूँ
मैं भी इत्तेफाक रखता हूँ

काली सड़कों के यह किनारे
मेरे ही किस्से कहते हैं
इसी सिरहाने मैं सोने को
रोज़ नयी तलाश करता हूँ
खबरें कहती हैं मैं आज़ाद हूँ
मैं भी इत्तेफाक रखता हूँ

सफ़ेद टोपियों को, कुर्सियों को
मैं अब भी सहारा देता हूँ

 फिर भी चौक पे किस्से कहता
मैं अपनी गाठें जोड़ता हूँ
खबरें कहती हैं मैं आज़ाद हूँ
मैं भी इत्तेफाक रखता हूँ

60 साल की आज़ादी का मतलब
मैं जानता हूँ, समझता हूँ
हर साल इन्हीं दिनों में
मैं भी तिरंगे बेचता हूँ
खबरें कहती हैं मैं आज़ाद हूँ
मैं भी इत्तेफाक रखता हूँ

- (Aug 2007)

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